Fascination About रंगीला बाबा का खेल

ताड़का वध, अहिल्या उद्धार, धनुष यज्ञ, सिया स्वयंवर, धनुष भंग, विवाह जैसी लीलाओं को इन्हीं आंखों से देखती है. आंखें जो धनुष भंग देखकर हर्षित हो जाती हैं तो यही आंखें सीता की विदाई का गीत सुनकर जनक जी के साथ रो पड़ती हैं. दृष्य न बदलता

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